- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
उज्जैन:श्रीकृष्ण मय हुई भगवान की शिक्षा स्थली
आज पूरे देश के साथ शहर में भी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव जन्माष्टमी के रूप में मनाया जा रहा है। सुबह से श्रीकृष्ण मंदिरों में भगवान के दर्शनों के लिये श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। रात में घरों लोग भगवान का विशेष पूजन कर जन्म का उत्सव मनाएंगे।
छत्रीचौक स्थित गोपाल मंदिर में बीती रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। यहां सुबह मां यशोदा की गोद में बाल गोपाल के रूप में भगवान ने दर्शन दिये। वहीं मंगलनाथ मार्ग स्थित सांदीपनि आश्रम में भी विशेष साज सज्जा के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया। रात 12 बजे उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने सांदीपनि आश्रम पहुंचकर भगवान की पूजा अर्चना की।
पं. रूपम व्यास ने बताया कि कोरोना के चलते इस वर्ष जन्माष्टमी पर मंदिर में कागज के फूलों का श्रृंगार किया गया है। यहां भी सुबह से दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रही। वहीं दूसरी तरफ इस्कॉन मंदिर में एलईडी पर लोगों को भगवान के दर्शन की व्यवस्था की गई है। प्रमुख मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का रात 12 बजे जन्मोत्सव मनाने के बाद आज रात जन्माष्टमी के अवसर पर लोग अपने-अपने घरों में भगवान का विशेष पूजन अर्चन करने के बाद जन्मोत्सव मनाएंगे।

